योगी सरकार की नई पहल से बदलेगा प्राथमिक शिक्षा का स्वरूप

योगी सरकार की नई पहल से बदलेगा प्राथमिक शिक्षा का स्वरूप

The nature of primary education will be transformed

The nature of primary education will be transformed

 लखनऊ। The nature of primary education will be transformed, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन के सबसे महत्वपूर्ण कौशल— संवाद और आत्मविश्वास से लैस करने जा रही है। नई शिक्षा नीति (NEP) और निपुण भारत मिशन (FLN) के लक्ष्यों को विस्तार देते हुए, सरकार ने बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति को निखारने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत शिक्षकों को अत्याधुनिक डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे कक्षाओं को अधिक संवादात्मक और बच्चों के अनुकूल बना सकें।

'डेवलपिंग ओरेसी': व्यक्तित्व विकास का नया आधार

योगी सरकार का मानना है कि यदि प्रारंभिक कक्षाओं में ही बच्चों के बोलने और सुनने की क्षमता मजबूत हो जाए, तो उनकी सीखने की प्रक्रिया कई गुना बढ़ जाती है।

  • कोर्स का स्वरूप: 'डेवलपिंग ओरेसी इन प्राइमरी ग्रेड्स' कोर्स के माध्यम से शिक्षकों को चर्चा आधारित शिक्षण, कहानी सुनाने की कला और स्ट्रक्चर्ड बातचीत की गतिविधियों में माहिर बनाया जा रहा है।

  • सक्रिय भागीदारी: अब कक्षा का माहौल ऐसा होगा जहाँ बच्चा केवल एक श्रोता नहीं, बल्कि एक सक्रिय वक्ता बनेगा।

शिक्षकों के लिए डिजिटल ट्रेनिंग का नेटवर्क

इस बड़े बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने एक मजबूत निगरानी और प्रशिक्षण तंत्र तैयार किया है।

  1. मेंटर्स की भूमिका: एआरपी (ARP), एसआरजी (SRG) और डाइट (DIET) मेंटर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जनपदों और ब्लॉकों में शत-प्रतिशत शिक्षकों तक इस डिजिटल कोर्स की पहुंच सुनिश्चित करें।

  2. आधुनिक पद्धति: शिक्षकों को यह सिखाया जा रहा है कि कैसे वे कक्षा के भीतर ऐसे अवसर पैदा करें जहा बच्चे बिना किसी हिचक के अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकें।

FLN मिशन को मिलेगी नई ऊंचाई

फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) का उद्देश्य अब केवल पढ़ना-लिखना और गणित ही नहीं, बल्कि 'प्रभावी संवाद' भी होगा।

  • व्यक्तित्व विकास: जब बच्चे आत्मविश्वास के साथ बोलना सीखते हैं, तो उनका डर खत्म होता है और वे कठिन से कठिन विषयों को आसानी से समझ पाते हैं।

  • भविष्य की तैयारी: यह पहल परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को निजी स्कूलों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धी बनाने और उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

 

यह भी पढ़ें:

यूपी में नशामुक्ति अभियान को नई ताकत, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर योगी सरकार का विशेष जोर